Wednesday, 1 January 2014

नव वर्ष सबको मंगलमय हो।

नव वर्ष सबको मंगलमय हो

काल चक्र के  नियत क्रम में,
समां गए गत वर्ष अनंत  में,
क्या खोया क्या पाया हमने,
करे विवेचन स्व के मन में। ।

नए ओज उत्साह का भान कर,
स्व से विमुक्त हम का मान कर,
सम्पूर्ण धरा सुख से हो संवर्धित,
मनुज सकल को हो सब अर्पित। ।

घृणा ,क्रोध,सब असुर प्रवृति,
दिन-हिन् दारिद्र्य सी वृति,
बीते काल समाये गर्त में,
न हो छाया इसकी नव वर्ष में। ।

मंगल मन मंगल सी भावें,
ह्रदय मनोरथ और जो लावें,
कृपा दृष्टि सदा नभ से बरसे,
   न कोई वंचित उत्कर्ष मन हर्षे। । 

कटु सत्य यथार्थ भी कुछ है, 
नागफनी, कहीं चन्दन वृक्ष है ,
पर जिजीविषा हर जगह अटल है ,
घना तिमिर अरुणोदय पल है। । 

यश अपशय से ऊपर उठकर ,
सहज भाव आत्म सुख से भरकर, 
नव आलोक मुदित सब मन हो 
नव वर्ष सबको मंगलमय हो। । 

10 comments:

  1. सुन्दर रचना...!

    मंगलकामनाएं!!!

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज बुधवार (01-01-2014) को हों हर्षित तन-प्राण, वर्ष हो अच्छा-खासा : चर्चा मंच 1479 में "मयंक का कोना" पर भी है!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    ईस्वी नववर्ष-2014 की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  3. बेहतरीन प्रस्तुति …………रोंप खुशियों की कोंपलें
    सदभावना की भरें उजास
    शुभकामनाओं से कर आगाज़
    नववर्ष 2014 में भरें मिठास

    नववर्ष 2014 आपके और आपके परिवार के लिये मंगलमय हो ,सुखकारी हो , आल्हादकारी हो

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  4. यश अपशय से ऊपर उठकर ,
    सहज भाव आत्म सुख से भरकर,
    नव आलोक मुदित सब मन हो
    नव वर्ष सबको मंगलमय हो। ।

    -बहुत सुन्दर कविता.
    नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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  5. बहुत सुंदर रचना....... नए साल के लिए बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ ...!!!

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  6. बहुत सुन्दर कविता....!
    नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाए...!
    RECENT POST -: नये साल का पहला दिन.

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  7. आपकी इस ब्लॉग-प्रस्तुति को हिंदी ब्लॉगजगत की सर्वश्रेष्ठ कड़ियाँ (1 जनवरी, 2014) में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,,सादर …. आभार।।

    कृपया "ब्लॉग - चिठ्ठा" के फेसबुक पेज को भी लाइक करें :- ब्लॉग - चिठ्ठा

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  8. बहुत सुन्दर लिखा है आपने
    क्या खोया क्या पाया हमने,
    करे विवेचन स्व के मन में। ।
    सुन्दर सन्देश अगर हम यह कर पायें तो भविष्य सुरक्षित होगा अन्यथा वो दिन दूर नहीं जब हम फिर गुलाम होंगे ..

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  9. बहुत सुंदर----
    उत्कृष्ट प्रस्तुति
    नववर्ष की हार्दिक अनंत शुभकामनाऐं----

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  10. नए साल की शुभकामनायें.

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